Thursday, September 10, 2009

Sex During Menstruation

So you decided to have a go at one of your fantasies and actually have sex during your lady's period. Next thing on your mind is probably the biggest question: is it safe?

Believe it or not, the answer is "yes". As long as you don't mind the mess, sex during menstruation is safe. Let me rectify that: about as safe as it can be expected. Blood is a medium in which certain infectious agents multiply, so you might want to consider that before starting. Also, the chance of getting HIV is probably sky-high with all that blood around. Better use a condom if you are not sure of yourself or your partner. Still, there is no medical reason why a mutually monogamous couple (which is also free of STDs) should not have sex during menses.

But if you are not scared by these problems, then you can go right ahead. Of course you should wait for your lady to get over the worst days of her period, if you want sex to be any fun that is. The best idea is to spread a towel on the bed in order to keep the blood off the sheets, preferably a black or dark red towel. You can try any position you want, but your best bet is to stay on top and have the lady below. This should limit the flow of blood a little. The lady could also put to good use a diaphragm or a menstrual cup in order to keep the blood in, at least for a while.

The biggest risks brought by sex during menstruation are an increase in the risk of pelvic infections and HIV (because the opening of the cervix widens) and also a higher risk of pregnancy. Yep, you read that right: pregnancy. Just because your lady is having her period does not mean that you cannot get her pregnant. It's rare, I'll grant you that, but it did happen quite a few times.

Thursday, January 15, 2009

आशा का बलात्कार



आसाम की हरी भरी वादियां और जवान दिलों का संगम… किसको लुभा नहीं लेगा। ऐसे ही आसाम की हरी भरी जगह पर मेरे पति का पद्स्थापन हुआ। हम दोनों ऐसी जगह पर बहुत खुश थे। हमे कम्पनी की तरफ़ से कोई घर नहीं मिला था, इसलिये हमने थोड़ी ही दूर पर एक मकान किराये पर ले लिया था… उसका किराया हमें कम्पनी की तरफ़ से ही मिलता था। मेरे पति सुनील की ड्यूटी शिफ़्ट में लगती थी। घर में काम करने के लिये हमने एक नौकरानी रख ली थी। उसका नाम आशा था। उसकी उम्र लगभग 20 साल होगी। भरपूर जवान, सुन्दर, सेक्सी फ़िगर… बदन पर जवानी की लुनाई … चिकनापन … झलकता था।

सुनील तो पहले दिन से ही उस पर फ़िदा था। मुझसे अक्सर वो उसकी तारीफ़ करता रहता था। मैं उसके दिल की बात अच्छी तरह समझती थी। सुनील की नजरें अक्सर उसके बदन का मुआयना करती रहती थी… शायद अन्दर तक का अहसास करती थी। मैं भी उसकी जवानी देख कर चकित थी। उसके उभार छोटे छोटे पर नुकीले थे। उसके होठं पतले लेकिन फ़ूल की पन्खुडियों जैसे थे।

एक दिन सुनील ने रात को चुदाई के समय मुझे अपने दिल की बात बता ही दी। उसने कहा -"नेहा… आशा कितनी सेक्सी है ना…"

"हं आ… हां… है तो …… जवान लडकियां तो सेक्सी होती ही है…" मैं उसका मतलब समझ रही थी।

"उसका बदन देखा … उसे देख कर तो... यार मन मचल जाता है……" सुनील ने कुछ अपना मतलब साधते हुए कहा।

"अच्छा जी… बता भी दो जानू… जी क्या करता है……" मैं हंस पड़ी… मुझे पता था वो क्या कहेगा…

"सुनो नेहा … उसे पटाओ ना … उसे चोदने का मन करता है…"

"हाय… नौकरानी को चोदोगे … पर हां …वो चीज़ तो चोदने जैसी तो है…"

"तो बोलो … मेरी मदद करोगी ना …"

"चलो यार …तुम भी क्या याद करोगे … कल से ही उसे पानी पानी करती हूं……"

फिर मै सोच में पड़ गयी कि क्या तरीका निकाला जाये। सेक्स तो सभी की कमजोरी होती ही है। मुझे एक तरकीब समझ में आयी।

दूसरे दिन आशा के आने का समय हो रहा था…… मैने अपने टीवी पर एक ब्ल्यू हिन्दी फ़िल्म लगा दी। उस फ़िल्म में चुदाई के साथ हिन्दी डायलोग भी थे। आशा कमरे में सफ़ाई करने आयी तो मै बाथरूम में चली गयी। सफ़ाई करने के लिये जैसे ही वो कमरे के अन्दर आयी तो उसकी नजर टीवी पर पडी… चुदाई के सीन देख कर वो खडी रह गयी। और सीन देखती रही।

मैं बाथरूम से सब देख रही थी। उसे मेरा वीडियो प्लेयर नजर नहीं आया क्योंकि वह लकडी के केस में था। वो धीरे से बिस्तर पर बैठ गयी। उसे पिक्चर देख कर मजा आने लग गया था। चूत में लन्ड जाता देख कर उसे और भी अधिक मजा आ रहा था। धीरे धीरे उसका हाथ अब उसके स्तनो पर आ गया था.. वह गरम हो रही थी। मेरी तरकीब सटीक बैठी। मैने मौका उचित समझा और बथरूम से बाहर आ गयी…

"अरे… टीवी पर ये क्या आने लगा है…"

"दीदी… साब तो है नहीं…चलने दो ना…अपन ही तो है…"

"अरे नहीं आशा… इसे देख कर दिल में कुछ होने लगता है…" मैं मुस्करा कर बोली

मैने चैनल बदल दिया… आशा के दिल में हलचल मच गयी थी … उसके जवान जिस्म में वासना ने जन्म ले लिया था।

"दीदी… ये किस चेनल से आता है …"उसकी उत्सुकता बढ रही थी।

"अरे तुझे देखना है ना तो दिन को फ़्री हो कर आना … फिर अपन दोनो देखेंगे… ठीक है ना…"

"हां दीदी…तुम कितनी अच्छी हो…" उसने मुझे जोश में आकर प्यार कर लिया। मैं रोमांचित हो उठी… आज उसके चुम्बन में सेक्स था। उसने अपना काम जल्दी से निपटा लिया… और चली गयी। तीर निशाने पर लग चुका था।

करीब दिन को एक बजे आशा वापस आ गयी। मैने उसे प्यार से बिस्तर पर बैठाया और नीचे से केस खोल कर प्लेयर में सीडी लगा दी और मैं भी बिस्तर पर बैठ गयी। ये दूसरी फ़िल्म थी। फ़िल्म शुरू हो चुकी थी। मैं आशा के चेहरे का रंग बदलते देख रही थी। उसकी आंखो में वासना के डोरे आ रहे थे। मैने थोडा और इन्तजार किया… चुदाई के सीन चल रहे थे।

मेरे शरीर में भी वासना जाग उठी थी। आशा का बदन भी रह रह कर सिहर उठता था। मैने अब धीरे से उसकी पीठ पर हाथ रखा। उसकी धडकने तक महसूस हो रही थी। मैने उसकी पीठ सहलानी चालू कर दी। मैने उसे हल्के से अपनी ओर खींचने की कोशिश की… तो वो मेरे से सट गयी। उसका कसा हुआ बदन…उसकी बदन की खुशबू… मुझे महसूस होने लगी थी। टीवी पर शानदार चुदाई का सीन चल रहा था। आशा का पल्लू उसके सीने से नीचे गिर चुका था… मैने धीरे से उसके स्तनों पर हाथ रख दिया… उसने मेरा हाथ स्तनों के ऊपर ही दबा दिया। और सिसक पडी।

"आशा… कैसा लग रहा है…"

"दीदी… बहुत ही अच्छा लग रहा है…कितना मजा आ रहा है…" कहते हुए उसने मेरी तरफ़ देखा … मैने उसकी चूंचियां सहलानी शुरू कर दी… उसने मेरा हाथ पकड लिया…

"बस दीदी… अब नहीं …"

"अरे मजे ले ले … ऐसे मौके बार बार नहीं आते……" मैने उसके थरथराते होंठों पर अपने होंठ रख दिये… आशा उत्तेजना से भरी हुयी थी। आशा ने मेरे स्तनों को अपने हाथों में भर लिया और धीरे धीरे दबाने लगी। मैने उसका लहंगा ऊपर उठा दिया… और उसकी चिकनी जांघों पर हाथ से सहलाने लगी… अब मेरे हाथ उसकी चूत पर आ चुके थे। चूत चिकनाई और पानी छोड रही थी। मेरे हाथ लगाते ही आशा मेरे से लिपट गयी। मुझे लगा मेरा काम हो गया।

"दीदी… हाय… नहीं करो ना … मां…री… कैसा लग रहा है…"

मैने उसकी चूत के दाने को हल्के हल्के से हिलाने लगी…। वो नीचे झुकती जा रही थी… उसकी आंखे नशे में बन्द हो रही थी।

उधर सुनील लन्च पर आ चुका था। उसने अन्दर कमरे में झांक कर देखा। मैने उसे इशारा किया कि अभी रुको। मैने आशा को और उत्तेजित करने के लिये उससे कहा - "आशा … आ मैं तेरा बदन सहला दूं…… कपड़े उतार दे …"

"दीदी … ऊपर से ही मेर बदन दबा दो ना…" वो बिस्तर पर लेट गयी। मैं उसके उभारों को दबाती रही…उसकी सिसकियां बढती रही… मैने अब उसकी उत्तेजना देख कर उसका ब्लाऊज उतार दिया… उसने कुछ नहीं कहा… मैने भी यह देख कर अपने कपडे तुरन्त उतार दिये। अब मैं उसकी चूत पर अपनी उंगली से दबा कर सहलाने लगी… और धीरे से एक उंगली उसकी चूत में डाल दी। उसके मुख से आनन्द की सिसकारी निकल पड़ी…

"आशा … हाय कितना मजा आ रहा है… है ना…"

"हां दीदी… हाय रे… मैं मर गयी…"

"लन्ड से चुदोगी आशा… मजा आयेगा…"

"कैसे दीदी … लन्ड कहां से लाओगी…"

"कहो तो सुनील को बुला दूं … तुम्हे चोद कर मस्त कर देगा"

"नहीं …नहीं … साब से नहीं …"

"अच्छा उल्टी लेट जाओ … अब पीछे से तुम्हारे चूतड़ भी मसल दूं…"

वो उल्टी लेट गयी। मैने उसकी चूत के नीचे तकिया लगा दिया। और उसकी गान्ड ऊपर कर दी। अब मैने उसके दोनो पैर चौड़ा दिये और उसके गान्ड के छेद पर और उसके आस पास सहलाने लगी। वो आनन्द से सिसकारियां भरने लगी।

सुनील दरवाजे के पास खडा हुआ सब देख रहा था। उसने अपने कपड़े भी उतार लिये। ये सब कुछ देख कर सुनील का लन्ड टाईट हो चुका था। उसने अपना लन्ड पर उंगलियों से चमड़ी को ऊपर नीचे करने लगा। मैं आशा की गान्ड और चूतडों को प्यार से सहला रही थी। उसकी उत्तेजना बहुत बढ चुकी थी। मैने सुनील को इशारा कर दिया… कि लोहा गरम है…… आ जाओ…।

सुनील दबे पांव अन्दर आ गया। मैने इशारा किया कि अब चोद डालो इसे। उसके फ़ैले हुये पांव और खुली हुयी चूत सुनील को नजर आ रही थी। ये देख कर उसका लन्ड और भी तन्नाने लगा । सुनील उसकी पैरों के बीच में आ गया। मैं आशा के पीछे आ गयी… सुनील ने आशा के चूतडों के पास आकर लन्ड को उसकी चूत पर रख दिया। आशा को तुरन्त ही होश आया…पर तब तक देर हो चुकी थी। सुनील ने उस काबू पा लिया था। वो उसके चूतडों से नीचे लन्ड चूत पर अड़ा चुका था। उसके हाथों और शरीर को अपने हाथों में कस चुका था।

आशा चीख उठी…पर तब तक सुनील का हाथ उसका मुँह दबा चुका था। मैने तुरन्त ही सुनील का लन्ड का निशाना उसकी चूत पर साध दिया। सुनील हरकत में आ गया।

उसका लन्ड चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया। चूत गीली थी…चिकनी थी पर अभी तक चुदी नहीं थी। दूसरे ही धक्के में लन्ड गहराई में उतरता चला गया। आशा की आंखे फ़टी पड़ रही थी। घू घू की आवाजें निकल रही थी। उसने अपने हाथों से जोर लगा कर मेरा हाथ अपने मुह से हटा लिया। और जोर से रो पडी… उसकी आंखो से आंसू निकल रहे थे… चूत से खून टपकने लगा था।

"बाबूजी … छोड दो मुझे… मत करो ये……" उसने विनती भरे स्वर में रोते हुये कहा। पर लन्ड अपना काम कर चुका था।

"बस…बस… अभी सब ठीक हो जायेगा… रो मत…" मैने उसे प्यार से समझाया।

"नहीं बस… छोड़ दो अब … मैं तो बरबाद हो गयी दीदी… आपने ये क्या कर दिया…" वो नीचे दबी हुयी छटपटाती रही। हम दोनों ने मिलकर उसे दबोच लिया। दबी चीखें उसके मुह से निकलती रही। सुनील ने लन्ड को धीरे धीरे से अन्दर बाहर करना शुरु कर दिया।

"साब…छोड़ दो ना … मैं तो बरबाद हो गयी…… हाऽऽऽय…" वो रो रो कर… विनती करती रही। सुनील ने अब उसकी चूंचियां भी भींच ली। वो हाय हाय करके रोती रही …नीचे से अपने बदन को छटपटाकर कर हिलाती कर निकलने की कोशिश करती रही। लेकिन वो सुनील के शरीर और हाथों में बुरी तरह से दबी थी। अन्तत: उसने कोशिश छोड दी और निढाल हो कर रोती रही।

सुनील ने अपनी चुदाई अब तेज कर दी … उसका कुंवारापन देख कर सुनील और भी उत्तेजित होता जा रहा था। धक्के तेजी पर आ गये थे। कुछ ही देर में आशा का रोना बन्द हो गया … और अन्दर ही अन्दर शायद उसे मस्ती चढने लगी…

"हाय मैं लुट गयी… मेरी इज़्ज़त चली गयी…।" बस आंखे बन्द करके यही बोलती जा रही थी… नीचे तकिया खून से सन गया था। अब सुनील ने उसकी चूंचियां फिर से पकड ली और उन्हे दबा दबा कर चोदने लगा। आशा अब चुप हो गयी थी… शायद वो समझ चुकी थी कि उसकी झिल्ली फ़ट चुकी है और अब बचने का भी कोई रास्ता नही है। पर अब उसके चेहरे से लग लग रहा था कि उसे मजा आ रहा है। मैने भी चैन की सांस ली…।

मैने देखा कि सुनील का लन्ड खून से लाल हो चुका था। उसकी कुँवारी चूत पहली बार चुद रही थी। उसकी टाईट चूत का असर ये हुआ कि सुनील जल्दी ही चरमसीमा पर पहुंच गया। अचानक नीचे से आशा की सिसकारी निकल पडी और वो झड़ने लगी। सुनील को लगा कि आशा को अन्तत: मजा आने लगा था और वो उसी कारण वो झड़ गयी थी।

अब सुनील ने अपना लन्ड बाहर निकाल लिया और अपनी पिचकारी छोड दी। सारा वीर्य आशा के चूतडों पर फ़ैलने लगा। मैने जल्दी से सारा वीर्य आशा की चूतडों पर फ़ैला दिया। सुनील अब शान्त हो चुका था।

सुनील बिस्तर से नीचे उतर आया। आशा को भी चुदने के बाद अब होश आया… वो वैसी ही लेटी हुई अब रोने लगी थी।

"बस अब तो हो गया … चुप हो जा…देख तेरी इच्छा भी तो पूरी हो गयी ना…"

"दीदी… आपने मेरे साथ अच्छा नहीं किया… मैं अब कल से काम पर नहीं आऊंगी…" वो उठते हुये रोती हुई बोली… उसने अपने कपडे उठाये और पहनने लगी… सुनील भी कपडे पहन चुका था।

मैने सुनील को तुरन्त इशारा किया … वो समझ चुका था… जैसे ही आशा जाने को मुडी मैने उसे रोक लिया…"सुनो आशा… सुनील क्या कह रहा है……"

"आशा … मुझे माफ़ कर दो … देखो मुझसे रहा नही गया तुम्हे उस हालत में देख कर… प्लीज…"

"नहीं… नहीं साब… आपने तो मुझे बरबाद कर दिया है … मैं आपको कभी माफ़ नहीं करूंगी…" उसका चेहरा आंसुओं से तर था।

सुनील ने अपनी जेब से सौ सौ के दो नोट निकाल कर उसे दिये…पर उसने देख कर मुह फ़ेर लिया… उसने फिर और सौ सौ के पाँच नोट निकाल दिये… उसकी आंखो में एकबारगी चमक आ गयी… मैने तुरन्त उसे पहचान लिया। मैने सुनील के हाथ से नोट लिये और अपने पर्स से सौ सौ के कुल एक हज़ार रुपये निकाल कर उसके हाथ में पकड़ा दिये। उसका चेहरा खिल उठा।

"देख … ये साब ने गलती की ये उसका हरज़ाना है… हां अगर साब से और गलती करवाना हो तो इतने ही नोट और मिलेंगे…"

"दीदी … मैं आपकी आज से बहन हूं… मुझे पैसों की जरूरत किसे नहीं होती है…" मैने उसे आशा को गले लगा लिया…

"आशा …… माफ़ कर देना… तू सच में आज से मेरी बहन है… तेरी इच्छा हो … तभी ये करना…" आशा खुश हो कर जाने लगी… दरवाजे से उसने एक बार फिर मुड़ कर देखा … फिर भाग कर आयी … और मेरे से लिपट गयी… और मेरे कान में कहा, "दीदी… साब से कहना … धन्यवाद…"

" अब साब नहीं ! जीजाजी बोल ! और धन्यवाद किस लिये …… पैसों के लिये …"

" नहीं … मेरी चुदाई के लिये…"

Saturday, December 27, 2008

बेटा अब मुझे कुतिया बना
















बात उन दिनों की है जब मैंने अपने स्कूल ख़तम किया था और कॉलेज ज्वाइन करने वाला था.

मैं शाम को अपने दोस्त के यहाँ से आ रहा था. घर पे आकर देखा तो घर पे ताला लगा था. मैं अपनी पड़ोस वाली आंटी के यहाँ चाबी के लिए पूछने गया तो पता चला कि चाबी उसका बेटा कहीं रख के चला गया है और वो घर में अकेली है. आंटी ने मुझे ड्राइंग रूम मैं बैठने को कहा और ख़ुद बाथरूम में कपड़े धोने चली गई. मैं ड्राइंग रूम में बैठा बोर हो रहा था इसलिये मैं भी बाथरूम के पास जा के खड़ा हो गया और आंटी से बातें करने लगा.

बातो बातो मैं आंटी मुझ से मेरी गर्लफ्रेंड के बारे मैं पूछने लगी. मजाक में मैंने कह दिया कि आंटी मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है और मुझे लड़कियों से बात करने में बहुत शर्म आती है. ये सुन कर आंटी ज़ोर ज़ोर से हँसने लगी और गलती से पानी कपड़ो पे डालने की जगह अपने ऊपर डाल लिया जिस कारण उनका ब्लाऊज़ गीला हो गया और उनकी चूची दिखने लगी. शायद उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी. मैं उनके मस्त चूचों को घूरने लगा.

मुझे घूरता हुआ देख कर आंटी बोली- तुम लड़कियों से बातें करने मैं शरमाते हो पर उनके चुचे देखने में नहीं शरमाते?

यह सुन कर मैं हंसने लगा और फिर से उनके चूचो को घूरने लगा.

मुझे घूरता देख कर आंटी ने कहा- चलो तुम अपनी आँखे बंद करो मैं तुम्हे कुछ दिखाती हूँ.

मैंने अपनी आँखे बंद करली.

१-२ मिनट के बाद आंटी ने कहा- अपनी आँखे खोलो.

मैंने आँखे खोल के देखा तो आंटी बिल्कुल नंगी हो के मेरे सामने खड़ी थी. क्या मस्त गदराया बदन था उनका.

उन्होंने मुझसे हंस के पूछा- बेटा शर्म तो नही आ रही? और फिर पैन्ट के ऊपर से ही मेरा लंड सहलाने लगी. मैंने समय गँवाए बिना अपने सारे कपड़े उतार दिए और आंटी से लिपट कर उन्हें चूमने लगा. आंटी ने चूमते-२ कहा- बेटा अगर मेरे होटों की जगह अगर मेरी चूत को चूमोगे तो मज़ा आ जाएगा.

यह सुन कर मैंने आंटी को गोद में उठा कर उनके पलंग पर लिटा दिया और उनकी चूत को कुत्तो की तरह चाटने लगा. आंटी ज़ोर-२ से " बेटा मजाः आ गया चिल्लाने लगी" और मेरे मुँह में ही अपना सारा माल निकाल दिया. मैं उनका सारा माल पी गया और और उनकी चुचियों को चूसने लगा.

आंटी ने मुझे रोका और बोली- बेटा मुझे भी कुछ करने दे और फिर मेरा लौडा पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगी और फिर अपने मुँह में ले कर लोलीपोप की तरह चूसने लगी. मुझे इतना मज़ा आज तक नहीं आया था जितना कि अब आ रहा था और आने वाला था.

जब आंटी लौडा चूस कर थक गई तो उन्होंने मेरा लौडा पकड़ के अपनी चूत में डाला और कहा- बेटा मुझे स्वर्ग का मज़ा दिला दे !

मैंने ज़ोर से एक धक्का मारा और मेरा आधा लंड उनकी चूत मैं चला गया.

आंटी बोली- बेटा और अन्दर डालो. मैंने फिर एक धक्का मारा और इस बार मेरा पूरा लंड आंटी की चूत में समां गया.

मैंने २०-२५ ज़ोर ज़ोर से धक्के मारे तो आंटी बोली- बेटा अब मुझे कुतिया बना के चोद !

मैंने आंटी को कुतिया की पोसिशन मैं खड़ा किया और इस बार एक ही धक्के में मेरा पूरा लंड उनकी चूत में समां गया. आंटी ज़ोर-२ से आह अह अह...... ओह ओह ओह ओह चिल्लाने लगी. मैंने २०-२५ धक्को के बाद कहा- आंटी मैं झड़ने वाला हूँ !

आंटी बोली- बेटा मैं भी झड़ने वाली हूँ ! और हम दोनों एक साथ झड़ गए. उस दिन हमने करीब ४-५ बार सेक्स किया और फिर मैं अपने घर चला गया. उस दिन के बाद हमें जब भी मौका मिलता हम दोनों सेक्स करते.............

Saturday, December 20, 2008

Holidays! Hot Sex Tips

Holiday sex seems to be much better and more exciting than sex any other time throughout the year. It's an excellent holiday release and everyone is generally in an exciting mood. Definitely take advantage of the holidays for having great sex! Here's how to do it:

1. Learn new techniques!

Holidays are a great time to try new things out. Whether it be new positions, new sex toys, or specific turn on and pleasuring techniques, the holidays are the time to have fun and try them all out. Since everything is usually out of order and in transition during holiday time, this makes it an ideal time to allow your intimacy to be new, adventurous and exciting!

2. Do it somewhere different!
Rather than the usual bedroom intimacy, why not switch things up and try holiday sex somewhere different. Whether it is a different part of the house or apartment, or a whole new location entirely, having sex somewhere new can be incredibly exciting and perfect for adventurous holiday fun!

3. Get a Sex Tips Book!

These are excellent because they provide instant tips for making sex a thousand times more thrilling, pleasing, and erotic. They come in eBook form, so all you have to do is open it up on your computer, pick a few new tips and then use them that same night. There will be hundreds of different exciting and pleasurable sex tips to try out which are perfect for fun holiday sex. Take advantage of this time of the year for trying out new, exciting, and highly pleasurable sex tips for the holidays!

Thursday, November 27, 2008

Don't Use Porn Movies In Your Bedroom

Unfortunately for their female partners, many young men these days learn what to do in the bedroom by watching pornography. Let’s be clear about this right off the bat: Porn stars are not real people. What looks like a great idea on video may not translate well into a real-life sexual encounter with your girlfriend. There are some common porn moves you should never use in real life, and we've decided it's time we let you know what they were -- just in case you get any bright ideas later on tonight.

n porn movies, the most important scene is the one that contains the “money shot.” The moviemakers know their viewers want to see the moment of orgasm, and they usually want to see it all over the woman’s back, butt, chest or face. First of all, you should never, ever ejaculate anywhere on your partner without giving her prior warning. Also, the average girl does not like ejaculate on her face -- back, butt and breasts, fine. However, getting seminal fluid in the eye is not a good feeling, and it takes forever to get it out of her hair, so be considerate and make sure this is a porn move you never use in real life.

Male porn stars seem to have a compulsive need to slap their members against things. One possible explanation for the porn actor grabbing his shaft and banging it against a woman’s butt, breasts or face is that it helps him stay hard; essentially, acting as his own "fluffer" during the scene. Perhaps it could also be a method of degrading his partner by slapping her in the face with his powerful man member. No matter the reasoning behind it, this is a porn move you should never use in real life -- at least not without due warning and the right partner. If you’re having trouble staying hard, give yourself a few strokes with your hand or, better yet, ask her to help you out with her mouth.

Saturday, November 15, 2008

How To Have Sex In Cat Position


1-To get in the CAT position, slide your body 2-4 inches forward from the typical missionary position so that your pelvis is directly over hers.


2-Your body should fall flat on hers (make sure that you support your body enough so you don’t crush her!).

3-Both of your spines should be straight, and your bodies should be parallel to each other.

4-You can be in between her legs, with her ankles wrapped around your calves. However, I’ve found from my experience that if she keeps her legs close together and you place your legs OUTSIDE of hers, it will produce a better response.

5-Instead of thrusting in and out hard and fast like you would in the regular missionary position, what you’ll do is slowly and gently rock your hips. The base of your **** and your pubic bone will naturally rub up against her ****oris. Also, because you’re moving in a rhythmic rocking motion, you won’t be stimulate your **** as much compared to a thrusting motion, allowing you to last longer during sex.

Sunday, October 5, 2008

Vibrator "The Sex Toy"


Choosing the right vibrator will always be primarily about personal preferences. But there are some questions you can ask yourself before you choose a vibrator that will help reduce the risk of choosing one that you’ll use once and then will forever collect dust in your sock drawer:

1. How do you want to use your vibrator: external clitoral stimulation, penetration, or both?
2. What should your vibrator be made out of, and what safety concerns are there about materials?
3. How strong a vibrator should you buy: mild to super strong, single speed or variable?
4. How much do you want to spend on a vibrator: $5 or $500, the selection is out there for every budget?
5. What do you want your vibrator to look like?

As you click through the pages below you’ll see lots of examples of vibrators, and get tips on things to think about when buying a vibrator.